उत्तराखंड विधानसभा: पांच दिन के बजाय केवल दो दिन चला शीतकालीन सत्र, विपक्ष ने बताया निंदनीय

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देहरादून: उत्तराखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र पांच दिन के बजाय केवल दो दिन में ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है. इसे लेकर राज्य में सियासी बयानबाजी का खेल शुरू हो गया है. दरअसल इसपर कांग्रेस पार्टी के विधायकों ने प्रेसवार्ता कर सरकार पर सत्र न चलाने का आरोप लगाया है. विपक्ष के अनुसार कई सारे मुद्दे ऐसे थे, जिनके जवाब देने के लिए सरकार कतरा करी थी. इस वजह से सरकार ने दो दिन में ही सत्र खत्म कर दिया.

सरकार के इस फैसले पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि शीतकालीन सत्र दो दिन में भीतर खत्म करना निंदनीय है. उन्होंने सत्ताधारी सरकार पर हमला करते हुए भारतीय जनता पार्टी को रण छोड़ पार्टी भी करार दिया. उन्होंने कहा कि प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर कोई धामी सरकार कोई एक्शन नहीं लेती है.

अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले पर कटाक्ष करते हुए करन माहरा ने कहा कि इस मामले में मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल का बयान निंदनीय है. मरने से पहले अंकिता ने अपने दोस्तों से कहा था कि वीआईपी को सर्विस देने के लिए उसे प्रताड़ित किया जा रहा था. वहीं केदार भंडारी का भी आज तक पता नहीं लग पाया.

उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष ने 619 प्रश्न लगाए थे, लेकिन सरकार नहीं चाहती थी चर्चा हो. इसलिए दो दिन के भीतर सत्र खत्म कर दिया. मुख्यमंत्री को सदन से ज्यादा दिल्ली दौरा महत्वपूर्ण लग रहा था.

करन माहरा ने प्रेमचंद अग्रवाल को विधानसभा भर्ती मामले में भी घेरा. उन्होंने कहा कि प्रेमचंद अग्रवाल खुद सवालों के घेरे में थे, जबकि भाजपा ने विपक्ष के जवाब देने के लिए उन्हें चुना गया.

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