उत्तराखंड: मंत्री चंदन राम दास ने कांग्रेस छोड़कर थामा था भाजपा का दामन, जानें उनका राजनीतिक सफर

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देहरादून: बागेश्वर के विधायक और उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास का आज आकस्मिक निधन हो गया. वे लंबे अरसे से बीमार चल रहे थे. स्वास्थ्य ज्यादा खराब होने पर उन्हें बागेश्वर के जिला अस्पताल भर्ती कराया गया था. बुधवार को अस्पताल में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया. आपको बता दें कि चंदन राम दास का राजनीतिक करियर बेहर ही रोचक है. उन्हें कैबिनेट मंत्री की सीट ऐसे ही नहीं हासिल हुए. वे लगातार चार बार विधायक बन चुके हैं. आईये जानें उनके राजनीतिक जीवन की कुछ झलकियां-

बागेश्वर विधानसभा सीट से विधायक चंदन राम दास का जन्म 10 अगस्त 1957 में हुआ था. उनके पिता का नाम स्व रतन राम थे. उन्होंने एमबीपीजी कॉलेज हल्द्वानी से स्नातक किया था.

चंदन राम दास का राजनीतिक जीवन

  • चंदन राम दास ने अपने राजनैतिक जीवन की शुरुआत 1997 में की थी. वे तब निर्दलीय नगर पालिकाध्यक्ष बागेश्वर निर्वाचित हुए थे. उसके बाद वे कांग्रेस के साथ जुड़ गए.
  • साल 2006 में उनके जीवन में बड़ा परिवर्तन आया और उन्होंने कांग्रेस को छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया.
  • साल 2007 में उन्होंने पहली बार भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर बागेश्वर विधानसभा सीट से विजय हासिल की.
  • साल 2012 में वे दोबारा विधायक बने.
  • साल 2017 में उन्होंने तीसरी जीत हासिल करते हुए हैट्रिक भी मार दी.
  • साल 2022 में चौथी बार चंदन राम दास बागेश्वर विधानसभा से विजयी हुए और कैबिनेट मंत्री बने.

राजनैतिक तौर पर चंदन राम काफी सक्रिय रहते थे. इसके चलते उन्होंने क्षेत्र व प्रदेश में अच्छी खासी पकड़ बनाली. जनता के काम के लिए व सहयोग के लिए चंदन राम दास हमेशा तत्पर रहते थे. 1997 से लेकर अब तक वे लगातार चार बार विधायक बन चुके हैं. चंदन राम दास कि कार्य कुशलता को देखते हुए. उत्तराखंड सरकार में एक साल तक कैबिनेट मंत्री के रुप में कार्य किया. इस दौरान चंदन राम दास ने अपने गृह जनपद में ही अपने प्राण त्याग दिए.

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