ऋषिकेश: त्रिवेणी घाट से गायब हुआ तिरंगा, कौन जिम्मेदार?

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ऋषिकेश: शहर में एमडीडीए की लापरवाही का मामला सामने आया है. यहां के त्रिवेणी घाट पर लगा 101 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा गायब हो गया है. इसे तूफान में फटने के कारण नीचे उतारा गया था. लेकिन, कई महीने बीतने के बाद ही इसे वापस नहीं लहराया गया है. यह 101 फींट ऊंचा तिरंगा यहां आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षक का केंद्र था. जो अब दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहा है.

आपको बता दें कि राष्ट्र के प्रति सम्मान और देश भक्ति की भावना को जाग्रत करने के उद्देश्य से त्रिवेणी घाट पर 101 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया गया था. लेकिन, पिछले एक महीने से तिरंगा त्रिवेणी घाट से ग़ायब है. इस वहज से हर रोज़ हजारों की संख्या में यहां आने वाले पर्यटक इसका दीदार नहीं कर पा रहे हैं.

झंडे के साथ गायब फोकस्ड लाइट्स

त्रिवेणी घाट सौंदर्यीकरण योजना के तहत मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण ने यह तिरंगा झंडा 101 फीट ऊंचा बनाया गया है. जिसका लोकार्पण 5 अगस्त 2021 के दिन किया गया था. इसके साथ झंडे के लिए फोकस्ड लाइट्स भी लगाई गयी है. इसका सीधा फोकस तिरंगे पर पड़े. लेकिन, ये सारे इंतज़ाम आज की तारीक में धरे के धरे रह गये हैं. राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का अनावरण उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल और नगर निगम महापौर अनीता ममगाईं द्वारा किया गया था.

बताया जा रहा है कि तूफ़ान के कारण तिरंगा फट गया था. इसलिये उसे उतार दिया गया. लेकिन, सवाल है कि तिरंगे को वापिस लगाने में एमडीडीए अधिकारी अपनी रुचि क्यों नहीं दिखा रहे हैं. देखना होगा कि अब कब त्रिवेणीघाट में वापिस से तिरंगा लगता है?

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