त्रिवेणी घाट में गंगा आरती करेंगे विदेशी मेहमान, शौचालय में भगवा बोर्ड को लेकर उठा विवाद

Advertisement

ऋषिकेश: तीर्थनगरी में इन दिनों जी-20 का कार्य तेजी से चल रहा है. लेकिन इन सबके बीच त्रिवेणी घाट शौचालय में हो रहा भगवा रंग विवादों में आ गया है. जिसकी वजह से नगर निगम ऋषिकेश की हर जगह फजीहत हो रही है. वहीं कुछ जनप्रतिनिधियों ने भी इसको लेकर अपना विरोध जताया है।

दरअसल मामला त्रिवेणी घाट स्थित शौचालय में हो रहे भगवा रंग के इस्तेमाल का है. लंबे समय से त्रिवेणी घाट का शौचालय बेहाल पड़ा हुआ था. लेकिन 28 जून को जी-20 के लिए आ रहे विदेशी मेहमान त्रिवेणी घाट में गंगा आरती का आनंद लेंगे. जिसको लेकर पिछले कई दिनों से व्यवस्थाएं चाक-चौबंद की जा रही हैं.

इसी बीच नगर निगम ऋषिकेश में शौचालय पर पब्लिक टॉयलेट का एक बड़ा बोर्ड चस्पा कर दिया है, जिसे केसरिया या भगवा रखा गया है. जिसके बाद से खुद भाजपा से जुड़े लोगों ने इसको लेकर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं.

गौरी माफी ग्राम प्रधान रोहित नौटियाल का कहना है कि भगवा रंग हिंदुओं का पवित्र रंग है. साधु संतों के वस्त्रों का रंग भी भगवा ही होता है और शिवाजी के ध्वजा का रंग भी भगवा था. ऐसे में शौचालय में लगे बोर्ड का रंग भगवा करना उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द इस बोर्ड का रंग बदल वाना चाहिए.

अब देखना होगा कि नेता या अधिकारी कब तक इस बात का संज्ञान लेते हैं.

सोशल ग्रुप्स में समाचार प्राप्त करने के लिए निम्न समूहों को ज्वाइन करे.
Previous articleनिर्माणाधीन मकान से हुई थी चोरी, पुलिस ने 10 दिनों के भीतर किया खुलासा
Next articleदेहरादून: शराब तस्करों पर पुलिस का शिकंजा, अभियान जारी